Wednesday, May 7, 2008

अठ्ठारह मई को खुलेंगे चतुर्थ केदार के कपाट

चतुर्थ केदार श्री रूद्रनाथ धाम में कपाट खुलने की धार्मिक तैयारियां आरंभ हो चुकी हैं लेकिन अभी तक यात्रा मार्ग पर न तो पानी के पुख्ता इंतजाम हैं और न ही पैदल मार्ग का निर्माण पूर्ण हो पाया है। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर तत्काल सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है। 18 मई को श्री रूद्रनाथ के कपाट खुलने हैं। 14 मई को भगवान की डोली गोपीनाथ मंदिर से बाहर निकाली जाएगी। पुजारी, मंदिर समिति सहित स्थानीय लोग धार्मिक तैयारियों में जुटे हुए हैं। लेकिन रूद्रनाथ में पानी व पैदल रास्ते की समस्या बनी हुई है। पनार तक पैदल मार्ग पूर्ण हो चुका है लेकिन वहां से आगे के रास्ते चट्टानी हैं। हर बार लोग पौराणिक नारद कुंड से एक-एक बूंद पानी मंदिर तक पहुंचाकर जलाभिषेक करते हैं।

सिद्धनाथ मंदिर में भी श्रद्धालु उमड़


टनकपुर (चम्पावत)। इन दिनों उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि धाम में भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे है। गर्मी के चलते दिन की अपेक्षा रात्रि के समय अधिक संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है। इधर नेपाल के सिद्धनाथ मंदिर में भी काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है।

पिछले चार दिनों से मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है। शारदा नदी में भी इन दिनों स्नान के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे है। शारदा घाट में किसी अप्रिय घटना को देखते हुए पीएसी की तैराक टीम भी तैनात की गई है। इधर नेपाल के महेन्द्र नगर व ब्रह्मदेव मंडी स्थित सिद्धनाथ मंदिर में भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है। जिसके कारण नेपाल के दोनों बाजारों में चहल- पहल भी बढ़ गई है। मेला क्षेत्र में जगह-जगह भंडारे का भी आयोजन किया जा रहा है।



अखिलतारिणी में देवी भक्तों का जमावड़ा


लोहाघाट (चम्पावत)। मां अखिलतारिणी धाम में चल रहे 108 दिवसीय महायज्ञ के पारायण की तैयारियां शुरू हो चुकी है। यज्ञ स्थल पर यज्ञ वेदियों की स्थापना के साथ धार्मिक महत्व के पौधों को रोपा जा रहा है। 8 मई गुरुवार को अक्षय तृतीय के दिन यहां यज्ञ का पारायण हो जायेगा। इन दिनों महायज्ञ आयोजन समिति की ओर से लक्ष्य रुद्री पाठ का आयोजन कर आहुतियां दी जा रही है। इसके अलावा द्वादशाक्षरी मंत्र, गायत्री मंत्र व मृत्युंजय महामंत्रों की आहुतियां 71 यज्ञ आचार्यो द्वारा दी जा रही है।

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