चम्पावत की संस्कृति को आकार यहां के इतिहास से मिला है। यह एक प्राचीन शहर है जिसे 10वीं सदी में कुमाऊं के चंद वंश के राजाओं द्वारा बनवाया गया था। स्थानीय आकर्षणों में सुंदर मंदिर परिसरों के अवशेष तथा कुछ पौराणिक तौर पर जुड़े स्थल जैसे गोरिल देवता तथा नागनाथ के मंदिर शामिल हैं। यह शहर चीड़ पेड़ के वनों तथा समतल हरे-भरे खेतों से घिरा है एवं यहां का शांतिपूर्ण वातावरण तथा यहां के मित्रवत लोग आपके हृदय में जगह बना लेंगे। शहर के आस-पास घूमने योग्य स्थानों में प्राचीन घटोत्कच्छ मंदिर तथा मायावती में स्वामी विवेकानंद से जुड़ा आश्रम शामिल हैं।
पोराणिक मान्यताओं के अनुसार
जोशीमठ की गुरूपादुका नामक ग्रंथ के अनुसार नागों की बहन चम्पावती ने चम्पावत के बालेश्वर मंदिर के पास प्रतिष्ठा की थी। वायु पुराण में चम्पावतपुरी नामक का उल्लेख मिलता है जो नागवंशीय नौ राजाओं की राजधानी थी। स्कंद पुराण के केदार खंड में चंपावत को कुर्मांचल कहा गया है, वह स्थान जहां भगवान विष्णु ने एक कछुए का अवतार लिया था। कुमाऊं वास्तव में कुर्मांचल का अपम्रंश है। चंपावत का संबंध महाभारत के प्रणेताओं पांडवों से भी है। माना जाता है कि अपने 14 वर्षों के निर्वासित जीवन के दौरान पांडव इस क्षेत्र में आये थे तथा यहीं भीम की मुलाकात राक्षसी हिडिंबा से हुई थी, जिसने भीम पर आसक्त होकर उनसे विवाह कर लिया। चंपावत में घटोत्कच्छ मंदिर भीम और हिडिंबा के पुत्र घटोत्कच्छ को समर्पित है।
चंपावत तथा इसके आस-पास बहुत से मंदिरों का निर्माण महाभारत काल में हुआ माना जाता है। एक दूसरी प्रचलित किंवदन्ती ग्वाल देवता से संबंधित है, जिन्हें गोरिल या गोलु भी कहते हैं तथा जिन्हें न्याय का देवता माना जाता है। चंपावत के ग्वारैल चौर में इन्हें समर्पित एक मंदिर हैं जो हजारों-हजार तीर्थयात्रियों के आकर्षण का केंद्र है क्योंकि वे पद दलितों को न्याय प्रदान करते हैं।
स्थानीय आकर्षण
आज चंपावत एक छोटा शहर पर जिला प्रशासन का मुख्यालय है। फिर भी इसकी विरासत एवं प्राचीन गौरवपूर्ण चंद वंश की राजधानी का प्रमाण कई स्थानों जैसे बालेश्वर मंदिर तथा राजा का चबूतरा जो शहर के बीच है, पर देखा जा सकता है। इसके अलावा चंपावत आने वाले पर्यटकों को एक शोरगुल रहित शांत वातावरण प्रदान करता है जहाँ आराम के साथ-साथ हिमालय के सुंदर दृश्यों को देखा जा सकता है।
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2 comments:
बहुत ही अच्छी पोस्ट बधाई
आभार इस जानकारी के लिए. जारी रखें.
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