उत्तरकाशी। पाला-मनेरी जल विद्युत परियोजना से प्रभावित पाला गांव की महिलाओं ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को गंगा बचाओ दिवस के रूप में मनाया। इस मौके पर महिलाओं ने पेड़ों की रक्षा का संकल्प भी लिया।
रक्षा सूत्र आंदोलन व जल संस्कृति मंच महिला संगठन पाला द्वारा आयोजित महिला दिवस कार्यक्रम में गांव की महिलाओं ने तय किया कि गंगा व गांव की सुरक्षा के लेकर वे हर पल कमर कस कर तैयार रहेंगी। साथ ही उन्होंने संकल्प लिया कि परियोजना के नाम पर वह हरे पेड़ों का कटान नहीं होने देंगी। गांव की पंचायत चौपाल पर हुई महिला गोष्ठी में परंपरागत लोक नृत्यों का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। गोष्ठी में हिमला, प्रेम बंधाणी ने कहा कि जंगल ही महिलाओं की जरूरतें पूरी करते हैं, लेकिन तेजी से हो रहे कटान ने महिलाओं की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। पाला गांव के लोगों ने सरकार को पत्र भेजकर पाला गांव का पुनर्वास करने की मांग भी की।
सोजन्य से जागरण न्यूज़
1 comments:
पहाड की महिलाओ पर्यावरम को लेकर जागरुक हो रहीं हैं। वे ही हैं जो इसको बचाने में योगदान कर सकती हैं खास तौर से पहाड में। पहाड की खबरें देते रहिये।
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