दोस्तो अभी मैं अपने गावं से वापिस दिल्ली आया. जब मैं अपने गावं गया तो उस समय वहा पर बर्फ गिर रही थी, शीत लहर का प्रकोप चरम सीमा पर था लेकिन मौसम बड़ा ही सुहावना था. गिरती हुई बर्फ के नजारे को मेरे एक दोस्त ने अपने कैमरे मे कैद कर लिया और वही नजारा मैं आप लोगों के बीच में बाटना चाहता हूँ. मेरा गॉव (बैंजी काण्डई) उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिल्ले में पड़ता है.
दोस्तो आप लोग भी इस चल चित्र के माध्यम से इस प्राकृतिक सोन्दर्य का आनंद लो
Monday, January 28, 2008
बर्फवारी - एक प्राकृतिक सोन्दर्य
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6 comments:
बहुत सुन्दर कांडपाल ज्यू. मुकु लागो म्यर घर छू यो.
बहुत सुन्दर.
मनोहारी दृश्य और साथ ही मधुर संगीत।
सुंदर!
wah,,,munmohak
काण्डपाल जी मजा आ गया है ये सब देख कर और घर की याद आपने फीर से दीला दी....आब मजबूरी है अभी तो दीपावली पर ही घर गया था आभी जा भाई नहीं सकता.......मेरे जेसे भावुक आदमी ये सब देख कर और भावुक हो उठता है
धन्यबाद आपका ये बर्फवारी - एक प्राकृतिक सोन्दर्य को हमरे लिये लाने के लिये
आपका आपना,
प्रहलाद तडियाल
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