गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के दर्शन करने वाले तीर्थ यात्रियों की भीड़ में इस साल जोरदार बढ़ोत्तरी हुई है। सात दिन में 21 हजार से अधिक यात्री स्नान व पूजा-अर्चना कर चुके हैं। भीड़ को संभालने में पुलिस को रात-दिन पसीना बहाना पड़ रहा है।
विश्व प्रसिद्ध धाम गंगोत्री व यमुनोत्री के कपाट खुले अभी एक सप्ताह हुआ है। इस साल तीर्थ यात्रियों की संख्या में जबरदस्त वृद्धि नजर आ रही है। गत वर्ष की अपेक्षा तीन गुना अधिक तीर्थ यात्री अभी तक दर्शनों के लिए पहुंचे है। यात्रियों को पार्किग की समस्या और वाहनों के प्रवेश को लेकर परेशानी झेलनी पड़ रही है। हनुमानचट्टी से आगे बड़े वाहन प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में प्रीपेड व्यवस्था के तहत हनुमानचट्टी से जानकी चट्टी तक तीर्थ यात्रियों को जीप व टैक्सी से पहुंचाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक नीलेश आनंद भरणे ने कहा कि प्रीपेड व्यवस्था के तहत 60 टैक्सियां उपलब्ध हैं। इन टैक्सियों की संख्या बढ़ाए जाने के लिए ऋषिकेश व हरिद्वार संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर पुलिस को अबके कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। यात्रियों को सूचना व सुरक्षा पुलिस का महत्वपूर्ण दायित्व है। एसपी ने बताया कि यमुनोत्री यात्रा पर प्रतिदिन 3 हजार से अधिक यात्री पहुंच रहे हैं। गंगोत्री में प्रति दिन चार हजार से अधिक यात्री दर्शनों को पहुंच रहे हैं। ऐसे में गंगोत्री की वाहन पार्किंग व्यवस्था तंग नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक नीलेश आनंद भरणे ने कहा कि गंगोत्री की ओर 130 बडे़ वाहन और 120 छोटे वाहनों की आवाजाही नित्य हो रही है। करीब 250 वाहन गंगोत्री पहुंच रहे है। गंगोत्री में पार्किंग व्यवस्था न होने से स्थिति विकट हो गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इसका समाधान भी तलाश लिया गया है। कोशिश की जा रही है कि भैरव घाटी से प्रति दिन 30 वाहन ही आगे जाएं। 30 के बाद जाने वाले वाहनों को भैरवघाटी में रोककर वहां से प्रीपेड टैक्सी के माध्यम से यात्रियों को गंगोत्री की रवाना किए जाने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
सोजन्य से जागरण न्यूज़